चंबा के लाहल मार्ग पर पहाड़ी से हुए भूसस्खलन से मलबे को हटाने में जुटी जेसीबी।
- फोटो : Chamba
चंबा। जिले में मूसलाधार बारिश और बर्फबारी कहर बनकर बरसी है। भरमौर-पठानकोट एनएच सहित जिले की 35 सड़कों पर भूस्खलन से वाहनों की रफ्तार थम गई। इससे वाहन चालकों समेत यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, जनजातीय क्षेत्र पांगी सहित पूरे जिले में बर्फबारी और मूसलाधार बारिश से बागवानों को 25 फीसदी नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि जिले में चार दिन से हो रही बर्फबारी और मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। बारिश से भरमौर-पठानकोट एनएच पर सुबह आठ बजे दिनकाघार में भूस्खलन होने से वाहनों के पहिये थम गए।
सूचना मिलने के बाद एनएच की विभागीय टीम ने साढ़े नौ बजे एनएच को बहाल किया। वहीं, सुबह 11 बजे दिनका घार और केहरू पहाड़ के पास भूस्खलन होने से एनएच दोबारा बंद हो गया। इससे एनएच के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद विभागीय मशीनरी और लेबर ने मौके पर पहुंच कर एनएच को बहाल करने का कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 12 बजे एनएच बहाल हो पाया। चंबा में 11, तीसा में 9, भरमौर में 8, डलहौजी और सलूणी में तीन-तीन जबकि, किलाड़ में एक मार्ग यातायात के लिए बंद रहा। हालांकि, देरशाम तक भूस्खलन से बंद सड़कों को मशीनरी और लेबर ने बहाल कर दिया।
इसके अलावा जनजातीय क्षेत्र पांगी में बर्फबारी से फलदार पौधों को काफी नुकसान पहुंचा है। जिले में बागवानी विभाग ने सेब, खुमानी और प्लम की फसल को 25 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया है। एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि भरमौर-पठानकोट एनएच दिनका घार, लाहल और केेरू पहाड़ के समीप ल्हासा गिरने से यातायात के लिए बंद हो गया था। उसे बाद में विभागीय लेबर और मशीनरी ने बहाल कर दिया है।
लोनिवि के अधीक्षण अभियंता डीएस पठानिया ने बताया कि जिले में मूसलाधार बारिश से 35 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। देरशाम तक बंद अधिकतर सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया था।