चोरी की वारदातें बढ़ने पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने लिया फैसला
भीड़ से मरीजों में संक्रमण फैलने का भी रहता है ज्यादा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज में बढ़ रही चोरी की वारदातों को रोकने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने अब एक मरीज एक तीमारदार नियम को लागू करने का फैसला लिया है। अक्सर देखने में आ रहा है कि तीमारदारों की भीड़ का फायदा उठाकर चोर अस्पताल में प्रवेश कर रहे हैं। उसके बाद रात को मौका देखकर मरीजों के सामान पर हाथ साफ कर रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर अस्पताल प्रबंधन ने अब एक मरीज एक तीमारदार नियम को लागू करने की योजना बनाई है। हालांकि, आपातकालीन कक्ष और गंभीर मरीजों के साथ दो से तीन तीमारदारों को रहने की छूट होगी। इसके लिए संबंधित विभागों के एचओडी के पास शक्ति रहेगी। वह मरीज की हालत को देखकर तीमारदारों की संख्या तय करेंगे। अन्यथा सामान्य रूप से बीमार मरीजों के साथ वार्ड में सिर्फ एक ही तीमारदार मौजूद रहेगा।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि तीमारदारों की भीड़ अधिक होने से चोरों के घुसने की संभावना रहती है। साथ ही मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा भी अधिक होता है। इन दोनों बातों को ध्यान में रखकर अब यह नियम लागू किया जाएगा। इससे पहले भी अस्पताल में यह नियम लागू किया गया था, तब चोरी की वारदातें भी थम गई थीं लेकिन लोगों के विरोध करने पर इस नियम को हटाना पड़ा। अब मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह नियम दोबारा लागू किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि मरीजों की सुरक्षा के लिए अस्पताल प्रबंधन सुनियोजित तरीके से योजना बना रहा है। सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।