जिले में ही सिमट रही वॉलीबाल खिलाड़ियों की प्रतिभा, न कोच और न ही एसोसिएशन
खुद ही खिलाड़ी कर रहे अभ्यास, राज्य और नेशनल तक पहुंचाना बनता जा रहा सपना
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। खेल के मैदान में जोश, जुनून और जज्बा तो है लेकिन राह दिखाने वाला कोई नहीं। चंबा के वॉलीबाल खिलाड़ी रोज पुलिस मैदान में पसीना बहा रहे हैं मगर कोच की कमी और निष्क्रिय पड़ी एसोसिएशन उनकी प्रतिभा को राज्य और नेशनल स्तर तक पहुंचने से रोक रही है।
सपने बड़े हैं, पर सिस्टम की खामोशी के बीच ये हुनर कहीं जिले की सीमाओं में ही सिमटता जा रहा है। एसोसिएशन भी करीब दस साल पहले निरस्त हो गई है। खिलाड़ियों को जिला खेल विभाग से उम्मीद थी कि कोच की व्यवस्था होगी लेकिन अभी तक कोच की तैनाती भी नहीं हो पाई है। बहरहाल, खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा निखरने के साथ दबती जा रही है।
जानकारी के अनुसार जिले में खासकर पुखरी, कियाणी और शहर के 11 वार्डों में करीब एक सौ खिलाड़ी ऐसे हैं जिनकी वॉलीबाल के प्रति दिलचस्पी है। इन खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं है। खिलाड़ी खुद ही अभ्यास कर रहे हैं। इन्हें सबसे ज्यादा दिक्कत वहां पेश आती है, जब वे काबलियत होने के बावजूद राज्य और नेशनल स्तर की स्पर्धाओं तक नहीं पहुंच पाते हैं। खिलाड़ियों में अनिकेत कुमार, सुनील कुमार, नीरज कुमार, राकेश कुमार, अमित कुमार और सुरेंद्र कुमार ने कहा कि वे पुलिस मैदान बारगाह में रोजाना अभ्यास के लिए पहुंचते हैं मगर उन्हें सही प्रशिक्षण की कमी खलती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चंबा में वॉलीबाल कोच की तैनाती की जाए।
चंबा में वॉलीबाल के कोच का पद खाली है। इस बारे में सरकार से पत्राचार जारी है। एसोसिएशन के गठन के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
- रूपेश कुमार राजवाल, जिला खेल अधिकारी