चंबा। राजकीय महाविद्यालय चंबा में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू हो रहे चार वर्षीय यूजी डिग्री कोर्स में इस साल सिर्फ चार विषय ही उपलब्ध होंगे।
कॉलेज प्रशासन ने बॉटनी, कॉमर्स, मैथ और हिंदी विषय में ही चार वर्षीय कोर्स की सुविधा देने का फैसला लिया है। यूजीसी के निर्देशों पर इस सत्र से सभी कॉलेजों में चार वर्षीय डिग्री प्रोग्राम लागू किया जा रहा है लेकिन चंबा कॉलेज में फिलहाल बॉटनी, बीकॉम, गणित और हिंदी में ही यह सुविधा मिलेगी।
फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र जैसे प्रमुख विषयों के छात्र अभी तीन साल वाले कोर्स में ही दाखिला ले सकेंगे। कॉलेज प्रशासन की ओर से विषयों की अंतिम सूची तैयार की जा रही है। जिन विषयों में पीजी है और पर्याप्त फैकल्टी है, उन्हीं को पहले चरण में चार वर्षीय कोर्स में शामिल किया गया है।
दूसरे चरण में स्टाफ मिलने पर और विषय जोड़े जाएंगे। नई शिक्षा नीति के तहत 4 साल की डिग्री को ऑनर्स विद रिसर्च कहा जाएगा। छात्र 1 साल बाद सर्टिफिकेट, 2 साल बाद डिप्लोमा, 3 साल बाद डिग्री और 4 साल बाद रिसर्च के साथ डिग्री ले सकेंगे।
चंबा कॉलेज के प्राचार्य प्रो राकेश राठौर का कहना है कि नई शिक्षा प्रणाली के तहत चार वर्षीय यूजी डिग्री कोर्स उपलब्ध होंगे। कहा कि शेष विषयों को दूसरे चरण में जोड़ा जाएगा। कहा कि पर्याप्त फैकल्टी के तहत ही यह कोर्स शुरू करवाए जाएंगे। नई शिक्ष नीति के तहत चार साल की डिग्री को ऑनर्स विद रिसर्च कहा जाएगा। संवाद