चंबा। जिला चंबा के इकलौते सरकारी संस्कृत कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है। पीजी कॉलेज से डेपुटेशन पर अध्यापकों की ड्यूटी लगाकर पढ़ाई करवाई जा रही है।
सरकार ने संस्कृत कॉलेज को भले ही अपने अधीन कर लिया है, लेकिन अभी तक इस इसमें स्थायी शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। इसका असर कॉलेज में पढ़ने वाले 469 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। कई विद्यार्थी क्वार्टर लेकर पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
राजकीय संस्कृत कॉलेज चंबा में प्रधानाचार्य, ज्योतिषाचार्य, दर्शन आचार्य, साहित्य आचार्य, हिंदी, अंग्रेजी और राजनीति विज्ञान विषयों के पद रिक्त हैं। इनमें से एक पद भी नहीं भरा गया है। ऐसा एक वर्ष से चल रहा है। शिक्षकों की तैनाती के बजाय सरकार चार अस्थायी शिक्षकों का जुगाड़ कर कॉलेज चलाने का प्रयास कर रही है। जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों के विद्यार्थी संस्कृत की पढ़ाई के लिए इसी कॉलेज में आते हैं। अधिकतर विद्यार्थियों को हजारों रुपये खर्च कर किराये पर कमरे लेने पड़ते हैं। ऊपर से पढ़ाई न होने के कारण उनके भविष्य पर बुरा असर पड़ रहा है। बता दें कि जिला चंबा का सरकारी संस्कृत कॉलेज काफी पुराना है। इस कॉलेज से शिक्षा ग्रहण कर कई बच्चे शास्त्री के पद पर भी तैनात हैं, लेकिन वर्तमान में संस्कृत कॉलेज के हालात ऐसे हैं, जहां, स्थायी शिक्षक ही कोई तैनात नहीं है। उधर, कॉलेज प्राचार्य डॉ. विद्यासागर ने कहा कि संस्कृत कॉलेज में शिक्षकों की कमी है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए चार शिक्षक डेपुटेशन पर भेजे गए हैं।