भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतरती जा रही हैं। किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में चिकित्सक के पूरे पद नहीं भरे गए हैं। 15 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ताले लटके हैं।
इन केंद्रों को खोलने के लिए विभाग के पास स्वास्थ्य कार्यकर्ता ही नहीं हैं। स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्थानीय लोगों को हल्की बीमारी की दवाई आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इसके अलावा नवजात बच्चे और गर्भवती का टीकाकरण भी हो जाता है, लेकिन भरमौर विधानसभा क्षेत्र में मौजूदा समय में नागरिक अस्पताल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्टाफ की कमी है। भरमौर में काफी समय से खंड चिकित्सा अधिकारी का पद खाली है। नागरिक अस्पताल भरमौर में चिकित्सकों के आठ पद खाली हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांदा और गरोला में एक-एक चिकित्सक तैनात हैं। इस वजह से मरीजों को वहां 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। एक चिकित्सक दिन को सेवाएं दे सकता है। रात को सेवाएं देने के लिए दूसरे चिकित्सक का होना काफी जरूरी है। इन डॉक्टरों को मरीज का इलाज करने के साथ उनकी पर्ची भी खुद ही बनानी पड़ती है।
भरमौर की विभिन्न पंचायतों में 15 स्वास्थ्य उपकेंद्र ऐसे हैं, जहां लटका ताला पिछले कई महीनों से नहीं खोला गया है। इन तालों को खोलने के लिए वहां स्टाफ ही नहीं है। इस वजह से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। लोगों में हंसराज, केवल शर्मा, सुनील कुमार, जितेंद्र, रवि कुमार, मनोज और सुरेश ने सरकार से मांग की है कि भरमौर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए स्टाफ की कमी को दूर किया जाए।
कार्यवाहक खंड चिकित्सा अधिकारी डाॅक्टर शुभम भंडारी ने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में खाली चल रहे पदों के बारे में उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है।