गांव के 100 परिवार जान जोखिम में डालकर करते हैं आवाजाही
सरकार और प्रशासन बना मूकदर्शक, अब तक नहीं हुए कोई प्रयास
भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की अब तक नहीं हुई मरम्मत
स्कूली बच्चे और शिक्षक जान जोखिम में डालकर करते हैं सफर
परवेज खान
चुराह (चंबा)। पंचायत टेपा के तहत चंडरू गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। देवी कोठी से करीब 5 किलोमीटर दूर बसे गांव में लगभग 100 परिवार रहते हैं लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए न तो सड़क की सुविधा है और न ही कोई सुरक्षित पैदल मार्ग बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले वर्ष हुई भारी बारिश के कारण गांव तक जाने वाला पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया था। आज तक न तो संबंधित विभाग और न पंचायत प्रतिनिधियों ने इसकी सुध ली है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए देवी कोठी या भंजराडू तक पहुंचने में जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला चंडरू भी बदहाल हालात से जूझ रही है। इस स्कूल में करीब 35 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जबकि शिक्षकों को भी दुर्गम और खतरनाक रास्तों से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। पांचवीं कक्षा के बाद बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर देवीकोठी जाना पड़ता है जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ जाती है। खासकर बरसात के मौसम में अभिभावक परेशान रहते हैं। ग्रामीणों में राकेश कुमार, सुनील कुमार, राज कुमार, अमित कुमार, नीरज कुमार, करण कुमार और शम्मी कुमार ने कहा कि आपदा के समय भूस्खलन के कारण रास्ते पूरी तरह खराब हो चुके थे लेकिन सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों और बागवानों को भी अपनी उपज सड़क तक पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एसएमसी अध्यक्ष मनसा राम ने बताया कि गांव की समस्याओं को लेकर विभाग और प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द रास्ते की मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।