मकानों के नीचे से खिसक रहे मिट्टी और पत्थर, कई ग्रामीणों ने अपने घर छोड़ पड़ोसियों यहां ली शरण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत बघेईगढ़ के कंगेला गांव में भूस्खलन का खतरा गहराता जा रहा है। पहाड़ी दरकने से दर्जनों परिवारों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। घरों के नीचे से भी मिट्टी और पत्थर खिसकने का क्रम जारी है, इस कारण लोग हर पल भय के साए में जी रहे हैं। कई ग्रामीणों ने अपने घरों को छोड़ कर पड़ोसियों के यहां शरण ली है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से शीघ्र राहत व पुनर्वास की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो गांव में बड़ा हादसा हो सकता है।
गांववासियों विक्रम, राकेश कुमार, अमित कुमार, संजीव कुमार, किरपा राम, लब्धी रात ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार पहाड़ी खिसक रही है और अब हालात इतने बिगड़ गए हैं कि उनके घरों की नींव तक दरक चुकी है। मजबूरी में कई परिवार अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर पड़ोसी गांवों में शरण लेने को विवश हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक प्रशासन ने केवल हालात का जायजा लेने की औपचारिकता भी पूरी नहीं की है, और न ही प्रभावित परिवारों को ठोस मदद मुहैया करवाई गई है। वहीं, मजबूरन ग्रामीण अब रिश्तेदारों के घरों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने चुराह प्रशासन से समय रहते उचित कदम उठाने की मांग उठाई है।