डलहौजी (चंबा)। रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व से ठीक एक दिन पहले तीन बहनों की दुनिया उजड़ गई। जिस भाई के सिर पर वे दो माह बाद सेहरा सजाने के सपने संजो रही थीं और शनिवार को कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रही थीं, उन्हें क्या पता था कि उनका भाई अब कभी लौटकर नहीं आएगा। डलहौजी के एक निजी होटल में बतौर कुक काम कर रहे मनीष कुमार (25) निवासी टिकरू डाकघर मैहला की वीरवार रात हत्या कर दी गई। परिवार के लिए यह खबर किसी बिजली गिरने से कम नहीं थी। मनीष के पिता बलदेव ठाकुर किसान है और माता गृहिणी है। वे बेटे की मौत पर बेसुध हैं। घर में जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब मातम पसरा है। मनीष की शादी दो माह बाद होनी तय थी। बड़ी बहन उषा, सीमा और पूजा सेहराबंदी की योजना बना रही थीं, रिश्तेदारों की सूची तय हो रही थी, कपड़े सिलवाए जा रहे थे, लेकिन अब उन बहनों को अपने भाई की अर्थी के पीछे चलना पड़ा। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि मनीष के बड़े भाई अनिल कुमार की भी शादी हो चुकी है।
सात दिन पहले की थी ज्वाइनिंग
सात दिन पहले ही होटल में नौकरी शुरू करने वाला मनीष अब कभी राखी पर बहनों के हाथ नहीं चूम सकेगा। उसके साथ जीवन के कई सपने, योजनाएं और रिश्ते भी अधूरे रह गए।
मंगेतर की हालत भी खराब
जिस युवती से मनीष का रिश्ता तय हुआ था, उसकी भी हालत बुरी है। मौत की खबर सुनने के बाद वह सदमे में है और रो-रोकर बेसुध हो चुकी है। यह रिश्ता सिर्फ दो परिवारों का नहीं, दो दिलों का जुड़ाव था, जो अब टूट चुका है।