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Chamba News: त्रिशला की बेजोड़ कला... धागे से बुना भाग्य

Mon, 06 Oct 2025 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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महिलाओं को चंबा कढ़ाई के गुर सिखाती त्रिशला महाजन। संवाद
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चंबा। सपनों को अगर धैर्य और हुनर के रंग-बिरंगे धागों से बुना जाए तो वो रेशम की तरह चमकते हैं। चंबा की त्रिशला महाजन ने अपनी कला से कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। वह आज अपनी मेहनत और पारंपरिक कढ़ाई के प्रति समर्पण से दर्जनों युवतियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं।
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त्रिशला ने वर्ष 2014 में पद्मश्री ललिता वकील से चंबा की पारंपरिक कढ़ाई कला चंबा रुमाल का प्रशिक्षण लेना आरंभ किया। कला के प्रति लगाव और रेशम पर चित्र उकेरने की लालसा ने उन्हें नई राह दिखाई। वर्षों तक सीखे गए हुनर को उन्होंने 2021-2022 में अपने प्रोजेक्ट के रूप में साकार किया।
त्रिशला ने खुद के लिए रास्ता बनाया और दूसरों को भी साथ लेकर चलीं। अब तक वह लगभग 100 युवतियों और महिलाओं को चंबा रुमाल बनाने की बारीकियां सिखा चुकी हैं। सलूणी विकास खंड में खोले गए पहले चंबा कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र में वह इस समय 20 महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं।
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त्रिशला ने सिर्फ चंबा रुमाल ही नहीं बल्कि मधुमक्खी के छत्ते के मोम से मूर्तियां बनाना और कपड़ों पर चित्र उकेरना भी सीखा है। उनका कहना है अगर मन में कुछ कर गुजरने की ठान लो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।
उन्होंने अपने तैयार किए गए चंबा रुमाल, रासमंडल, गद्दी-गद्दन जैसे उत्पाद फेसबुक पर साझा किए, जिससे उन्हें पहली ही पोस्ट पर कोलकाता से ऑर्डर मिला। इसके बाद से वह पंजाब, दिल्ली, लुधियाना सहित विभिन्न जिलों और अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले तक में अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगा चुकी हैं।
शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती थी महिलाओं को जोड़ना और उन्हें जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना। त्रिशला ने अपने खर्च पर कपड़ा और धागे देकर प्रशिक्षण शुरू किया। यही समर्पण आज उन्हें एक सशक्त प्रशिक्षक और महिला उद्यमी के रूप में स्थापित कर रहा है।
उन्होंने गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के चित्र भी चंबा रुमाल पर उकेरे हैं, जिससे उनकी कला को एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयाम भी मिला है। उन्होंने बताया कि परिवार में उनके पति रूपेश कुमार महाजन, बेटा मोक्ष महाजन और बेटी नर्मिता महाजन का उन्हें भरपूर सहयोग मिला। परिवार के सहयोग से ही वह आगे बढ़ पाई हैं। त्रिशला बताती हैं कि उनके पति रूपेश कुमार महाजन, बेटा मोक्ष महाजन और बेटी नर्मिता महाजन ने हर कदम पर उनका साथ दिया। परिवार के सहयोग ने मेरी हिम्मत को दोगुना कर दिया।
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