तेलका (चंबा)। ग्राम पंचायत भजोत्रा के मटवाड़ गांव में पिता के निधन और मां के छोड़े जाने से अकेले रह रहे चार नाबालिग बच्चों की स्थिति को जानने के लिए बाल संरक्षण विभाग की टीम पहुंची। इस दौरान बच्चों के रहन-सहन, भोजन, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े हालात का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने बच्चों की मां को भी दूसरे गांव से मौके पर बुलाया। बाल संरक्षण टीम की मौजूदगी में मां से लिखित रूप में यह बयान लिया गया कि वह इन बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ है।
मां ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उसने किसी अन्य स्थान पर दूसरी शादी कर ली है और वर्तमान परिस्थितियों में वह बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की स्थिति में नहीं है। टीम ने बच्चों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी मौजूदा स्थिति को समझा और यह भी जांच की है कि उन्हें किसी प्रकार की सरकारी सहायता या संरक्षण मिल रहा है या नहीं।
मौके पर यह भी सामने आया कि बच्चों के पास स्थायी संरक्षण और आर्थिक सहारे का अभाव है। बाल संरक्षण अधिकारियों ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर बच्चों के हित में शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। विभाग की ओर से बच्चों को संरक्षण, शिक्षा और पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष युगल किशोर मारवा ने बताया कि बच्चों की स्थिति को देखते हुए मां को मौके पर बुलाया गया और उनका लिखित बयान लिया गया। बच्चों की सुरक्षा और भविष्य हमारी प्राथमिकता है। विभाग द्वारा सभी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है, ताकि बच्चों को उचित संरक्षण और सहायता मिल सके।