चंबा से शिमला रूट पर जा रही थी, बालू के पास थमे सरकारी बस के पहिये
वर्कशॉप में लाकर की गई मरम्मत, आधा घंटे तक इंतजार करती रहीं सवारियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एचआरटीसी की चंबा-शिमला रूट पर चलने वाली सुपरफास्ट बस सोमवार सुबह खराब हो गई। सुबह करीब 7 बजे चंबा बस स्टैंड से रवाना हुई बस दो किलोमीटर का सफर तय कर बालू के पास खराब हो गई।
बस के पहिये थमने से इसमें सवार करीब 30 यात्रियों को आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बस खराब होने की सूचना मिलने पर उसे वर्कशॉप लाया गया। यहां मरम्मत करने के बाद बस को रूट पर भेजा गया।
यात्रियों में किशोरी लाल, हेम पाल, लेख राज, धमेंद्र सिंह, उमेश कुमार और कमलेश कुमार ने बताया कि सुपरफास्ट बस से समय पर और सुरक्षित यात्रा की उम्मीद रहती है लेकिन सफर शुरू होने के कुछ ही मिनटों में बस खराब हो जाना निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अगर बसें लंबी दूरी के लिए भेजी जा रही हैं तो उनकी तकनीकी जांच पहले ही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उधर, एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि जल्द ही नई बसें आ जाएंगी। स्टाफ की तैनाती के लिए सरकार और उच्चाधिकारी को अवगत करवाया है।
एक महीने में इन रूटों पर थमे पहिये
पिछले एक महीने में चंबा-पठानकोट, चंबा-शिमला, चंबा-चंढीगढ़, चंबा-देहरादून, चंबा-हरिद्वार, भंजराडू-बद्दी-टांडा, चंबा-पनेला, चंबा-बनीखेत, चंबा-जम्मुहार, चंबा-अगाहर और चंबा-किहार-सलूणी रूट पर बसें खराब हो चुकी हैं।
न स्टाफ, कलपुर्जों की कमी भी आ रही आड़े
एचआरटीसी वर्कशॉप के मेकेनिकों ने कहा कि पुरानी बसों को ठीक करने की जिम्मेदारी तो उन्हें दे दी जाती है लेकिन न पर्याप्त तकनीकी स्टाफ है और न ही समय पर स्पेयर पार्ट्स और आधुनिक उपकरण मिलते हैं। कई बार जरूरी सामान उपलब्ध न होने से सीमित संसाधनों में बसों को चलने लायक बनाना पड़ता है। दिन-रात लगातार काम करने के बावजूद छुट्टी का कोई निश्चित प्रावधान नहीं है। ऐसे में पुरानी बसों का रखरखाव उनके लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।