हाड़ जमा देने वाले नालों के बीच सीढ़ी के सहारे बिछाई जा रही पेयजल पाइपलाइन
मणिमहेश यात्रा से पहले अंतिम चरण में हर पड़ाव पर पानी पहुंचाने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। जिस बर्फीले पानी में कुछ पल हाथ रखना भी मुश्किल हो, उसी उफनते नाले के बीच सीढ़ी टिकाकर जल शक्ति विभाग के कर्मचारी श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने का इंतजाम कर रहे हैं। मणिमहेश यात्रा शुरू होने से पहले हाड़ कंपा देने वाली ठंड और जोखिम भरे हालात के बीच पेयजल लाइनें बिछाई जा रही हैं ताकि आस्था के इस सफर में किसी श्रद्धालु को पानी के लिए भटकना न पड़े।
हड़सर से लेकर डलझील तक सभी पड़ावों पर श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए विभागीय कर्मचारी उफनते नाले के ठंडे पानी के बीच में जाकर भी कार्य कर रहे हैं। यात्रा के दौरान पानी की जरूरत सबसे अधिक पड़ती है।
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता विजय नाग ने बताया कि मणिमहेश यात्रा मार्ग पर पुराने पेयजल पाइप पिछले साल आपदा में बह गए थे। अब वहां नए सिरे से यात्रियों की सुविधा के लिए पाइप बिछाए जा रहे हैं। यात्रा मार्ग पर ऐसा कोई पड़ाव नहीं रहेगा जहां श्रद्धालुओं को पीने के पानी की सुविधा न मिले। कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कनिष्ठ और सहायक अभियंता भी मौके पर जा रहे हैं। अगले महीने यात्रा अधिकारिक तौर पर शुरू होगी। हालांकि, यात्रा पर श्रद्धालुओं का आवागमन पिछले महीने से ही शुरू हो चुका है। ऐसे में मुख्य स्थानों पर पीने के पानी की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है। जहां पाइप क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें दुरुस्त भी किया जा रहा है।