चुराह उपमंडल के अधीन आते गुन्नू घराट पेयजल योजना के निर्माण कार्य से सियुल खड्ड में फेंकी जा रह
चुराह (चंबा)। चंबा-तीसा मार्ग पर कंदला के पास गुन्नू घराट पेयजल योजना के निर्माण कार्य में वन संपदा को सरेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हैरानी इस बात की है कि वन विभाग इसमें कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
पेयजल योजना के निर्माण के लिए सड़क सहित अन्य निर्माण कार्यों से निकलने वाली मिट्टी को डंपिंग साइट में ठिकाने लगाने के बजाय सीधे सियुल खड्ड में फेंका जा रहा है। इससे वहां मिट्टी का बड़ा ढेर लग चुका है। इतना ही नहीं, निर्माण स्थल के आस-पास हरियाली का भी नामोनिशान मिट चुका है। मिट्टी की चपेट में आने से पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचा है। भले ही इस योजना से 18000 की आबादी को पानी की सुविधा मुहैया होगी, लेकिन कंपनी इस कार्य को नियमों को ताक पर रखकर करवा रही है। जिस भी परियोजना में खोदाई का कार्य किया जाता है, तो वहां निकलने वाली मिट्टी को ठिकाने लगाने के लिए डंपिंग साइट चिह्नित की जाती है, जिससे मिट्टी की वजह से पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न हो। गुन्नू घराट पेयजल योजना के निर्माण कार्य में ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है।
वन संपदा को दिनदिहाड़े नुकसान पहुंचाया जा रहा है। न तो संबंधित वन रक्षक इसमें कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही वन विभाग के अन्य अधिकारी इसमें कोई सक्रियता दिखा रहे हैं। यही वजह है कि कंपनी अपनी मनमानी करके वन संपदा को नुकसान पहुंचा रही है।
उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी मसरूंड कबीर चंद नेगी ने बताया कि कंपनी ने जहां पर अवैध तरीके से डंपिंग की है। वहां वन विभाग शीघ्र ही निशानदेही करवाएगा। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। वन संपदा का नुकसान करने पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।