ठेकेदारों और एजेंसियों के पास वैध श्रम लाइसेंस नहीं मिलने पर श्रम विभाग सख्त
ठेकेदारों को लाइसेंस के लिए तीन दिन में ऑनलाइन माध्यम से करना होगा आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अनुबंध पर कार्यरत स्वच्छता कर्मियों से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी तथ्य सामने आया है। जिला श्रम अधिकारी कार्यालय में आयोजित त्रिपक्षीय समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि मेडिकल कॉलेज में कार्यरत तीनों प्रमुख आउटसोर्स एजेंसियों के ठेकेदारों, ग्लोबल सैनिटेशन सर्विस, आरके एंड कंपनी और सनराइज फैसिलिटेटर्स प्राइवेट लिमिटेड में से किसी के पास अनुबंध श्रम (नियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1970 के तहत आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं है।
जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा की मौजूदगी में मुख्य नियोक्ता मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के प्रतिनिधि ने तीन दिन में सभी संबंधित ठेकेदारों को फॉर्म-5 जारी करने पर सहमति जताई। ठेकेदारों को तीन दिन में लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
बैठक में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, आउटसोर्सिंग एजेंसियों और सीटू से संबद्ध सीटू से संबद्ध चंबा मेडिकल कॉलेज हेल्थ एंड सैनिटेशन वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में स्पष्ट किया कि स्वच्छता कर्मियों का दैनिक ड्यूटी रोस्टर तैयार करना और उसका संचालन पूरी तरह आउटसोर्सिंग एजेंसी की जिम्मेदारी होगी। ठेकेदार पक्ष ने 25 जून से नया ड्यूटी रोस्टर लागू करने पर सहमति जताई।
जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि सभी पक्षों के बीच सकारात्मक सहमति बनी है। तय दिशा-निर्देशों के पालन की समीक्षा के लिए अगली बैठक 4 जुलाई को होगी।
यूनियन के सदस्यों को डराने-धमकाने का आरोप
बैठक में यूनियन अध्यक्ष ने आरके एंड कंपनी के प्रबंधकों और कुछ बाहरी व्यक्तियों पर यूनियन सदस्यों को डराने-धमकाने और संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला श्रम अधिकारी ने मामले को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के लिए उप-रजिस्ट्रार (ट्रेड यूनियंस) को भेजने का निर्णय लिया।