चंबा। सर्दियों में बर्फबारी के कारण चंबा-बैरागढ़ वाया साच जोत-किलाड़ मार्ग बंद हो जाता है। इससे पांगी की 19 पंचायतों के करीब 35 हजार लोगों को जम्मू-कश्मीर या फिर कुल्लू होते हुए चंबा मुख्यालय के लिए लंबा सफर करना पड़ता है।
अब मार्ग के स्ट्रैटेजिक रोड में शामिल होने से स्थानीय लोगों को सालभर सड़क सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही चुराह के कई गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
चुराह की गुईला पंचायत का भनौड़ी गांव के लोग भी सड़क सुविधा से जुड़ने की आस लगाए है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन, व्यापार, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं तक पहुंच आसान होने और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्रालय ने चंबा से चुराह होते हुए किलाड़ तक के इस मार्ग को स्ट्रैटेजिक रोड के रूप में शामिल किया है। इसके निर्माण और रखरखाव के लिए केंद्र से बजट मिलेगा, जबकि बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) इसकी निगरानी करेगा।
सड़क चौड़ी होने के साथ पुल बनेंगे, सुरंग की भी तैयारी
प्रस्तावित कार्यों में सड़क का विस्तार और चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण और महत्वपूर्ण दर्रों से जुड़े कार्य शामिल हैं।
भनौड़ी के ग्रामीण येशी दोरजे ने कहा कि गुईला का अंतिम गांव भनौड़ी अभी सड़क सुविधा से वंचित है। अगर यह स्ट्रैटेजिक रोड तैयार होता है तो भनौड़ी गांव के भी इससे जुड़ने की उम्मीद है। इससे लोगों को शहर में किराये के कमरों में रहना सुविधाएं लेने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
चुराह के ग्रामीण पेमा कलसंग ने कहा कि मार्ग बीआरओ के अधीन आने से पांगी और चुराह में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, ग्रामीण टीडी कांपा और संजू कांपा ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
मार्ग को स्ट्रैटेजिक रोड में शामिल किया गया है। अब इसके लिए केंद्र से बजट उपलब्ध होगा और बीआरओ इसकी देखरेख करेगा। प्रमोद, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
घाटी की इन पंचायतों को फायदा
चंबा-साच जोत-किलाड़ मार्ग केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन आने से पांगी की किलाड़, किलाड़-प्रथम, सुराल, भरवास, लुज, करयास, कैरल, हुड़ान, करयूनी, फिंडरू, साच, मिंधल, पुर्थी, शौर, साहली, सेचू और शुण पंचायतों के लोगों को फायदा होगा। साथ ही इन पंचायतों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
सुरंगे बनीं तो नौ की जगह तीन घंटें में जिला मुख्यालय पहुंचेंगे पांगीवासी
मार्ग पर चैहणी समेत छोटी सुरंगें बनने की भी आस है। इससे किलाड़ से चंबा पहुंचने में आठ से नौ घंटों के बजाय पांगीवासी महज तीन घंटे में जिला मुख्यालय तक पहुंच पाएंगी।
किसानों को फसल बेचना होगा आसान
किसानों-बागवानों को भी इस मार्ग का भरपूर लाभ होगा। किसानों-बागवानों को आलू, मटर, सेब की फसल को बाहरी मंडियों समेत चंबा स्थित सब्जी मंडी में बेचना आसान होगा। चुराह क्षेत्र में भी खस्ताहाल सड़कों से छुटकारा मिलेगा।