चुराह (चंबा)। खाई में गिरकर जान गंवाने वाले ग्रामीण नरोत्तम के परिवार की जिम्मेदारी उनके 60 वर्षीय पिता ईसर के कंधो पर आ गई है। नरोत्तम मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। लेकिन, मंगलवार रात को खाई में गिरने से उसकी मौत हो गई। इसके कारण उसकी पत्नी, बेटा और बेटी का पालन पोषण करने वाला कोई नहीं बचा है, जो पिता अपना बुढ़ापा बेटे सहारे काटने की सोच रहा था। अब उसी पिता को बेटे के परिवार का पालन पोषण करना पड़ेगा। क्योंकि दोनों बच्चे अभी नाबालिग हैं और स्कूल में पढ़ रहे हैं। बेटा विक्रांत छठी कक्षा और बेटी रितू तीसरी कक्षा में पढ़ता है। जबकि उनकी माता घर पर होती है।
ऐसे में अब नरोत्तम के परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके पिता के कंधों पर आ गई है। प्रशासन की तरफ से भी अभी तक परिवार को कोई मदद नहीं की गई है। इसके अलावा राजनीतिक और पंचायत की तरफ से भी कोई प्रभावित परिवार के जख्म में मरहम लगाने नहीं पहुंचा। अब बूढ़ा पिता इस बात को लेकर चिंतित है कि वह बेटे की मौत के बाद उसके परिवार का पालन पोषण कैसे करेगा। उसे फिर से मजदूरी करके अपने घर का खर्च चलाना पड़ेगा। उधर, नायक तहसीलदार चुराह सूर्य प्रकाश ने बताया कि पटवारी को इस मामले में रिपोर्ट बनाने को कहा गया है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावित परिवार को मदद दी जाएगी।
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