चंबा। प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ की चंबा इकाई ने सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्धता के निर्णय का स्वागत किया है। साथ ही प्रवक्ताओं की नई नियुक्तियों के लिए परीक्षा करवाने के प्रस्ताव को अनुचित बताया है।
संघ के जिला अध्यक्ष दीप सिंह खन्ना और महासचिव राजेश ठाकुर ने बताया कि स्कूल प्रवक्ता पहले ही कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित होकर आए हैं। इसलिए सीबीएसई स्कूलों के लिए अलग से परीक्षा करने का औचित्य नहीं बनता। सीबीएसई विद्यालयों में कार्यरत होने से उनकी वरिष्ठता और पदोन्नति प्रभावित होगी, जिसका संघ कड़ा विरोध करता है। संघ का तर्क है कि पहले से कार्यरत अध्यापकों को ही अवसर प्रदान किया जाए।
उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों में पूरी तरह स्पष्ट है कि सीबीएसई में नियुक्त होने पर पूर्व की सेवा समाप्त हो जाएगी, जो कि पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। यह भी मांग उठाई की बोर्ड का परीक्षा परिणाम कम आने की वजह से जिन प्रवक्ताओं की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई है। उनके पिछले परीक्षा परिणाम को देखते हुए पुनर्विचार किया जाए और उनकी वेतन वृद्धि को बहाल किया जाए।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई मार्च 2025 की वार्षिक परीक्षा में कार्यरत सभी प्रवक्ताओं का जो मानदेय बोर्ड द्वारा दिया जाना है, उसको तुरंत दिया जाए। साथ ही बोर्ड द्वारा रजिस्ट्रेशन के शुद्धिकरण के लिए जो फीस ली जा रही है उसको बंद किया जाए।