डलहौजी (चंबा)। सिविल अस्पताल डलहौजी में ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद भी मरीजों का समय पर सांस नहीं मिल पा रही है। सिविल अस्पताल डलहौजी में लाखों रुपये खर्च कर स्थापित किया ऑक्सीजन प्लांट तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ा है।
ऑॅक्सीजन प्लांट बंद होने से अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो रही है। यह ऑक्सीजन प्लांट 24 घंटे में 80 सिलिंडर ऑक्सीजन का उत्पादन करने में सक्षम था लेकिन प्लांट की खराबी के कारण न केवल अस्पताल में बल्कि अन्य नजदीकी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अब इसे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कहें या अव्यवस्था कि अभी तक ऑक्सीजन प्लांट को संचालित नहीं करवाया जा सका है। मरीज अब पठानकोट और टांडा जाने को विवश हैं।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के अंत में सरकार ने डलहौजी में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी दी। लाखों खर्च कर डलहौजी में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया। तत्कालीन एसएमओ के कार्यकाल में यहां से चंबा समेत नूरपुर तक ऑक्सीजन सिलिंडरों की सप्लाई होती रही। बावजूद इसके अब ऑक्सीजन प्लांट में ऑक्सीजन तैयार नहीं हो पा रही है।
स्थानीय लोगों में चंदन बैंस, मुनीष, कार्तिक, सुभम टंडन, आशीष, रोहिन, सूर्य बहल ने कहा कि सिविल अस्पताल डलहौजी में ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़ा हुआ है। जिसे समय पर संचालित नहीं किया जा रहा है। बीते दिनों भी सांस की बीमारी से पीड़ित महिला को डलहौजी अस्पताल पहुंचाने पर ऑक्सीजन सिलिंडर ही नहीं मिल पाए। नतीजतन, परिजन मरीज को लेकर टांडा रवाना हो गए लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने मरीज का ऑक्सीजन स्तर कम होना मौत की वजह बताया। लोगों ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग से ऑक्सीजन प्लांट को संचालित करने की गुहार लगाई है। जिससे मरीज ऑक्सीजन समय पर न मिलने से दम न तोड़ पाए। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी आई है। इसकी मरम्मत करवाने के लिए सरकार को 12 लाख रुपये का प्रस्ताव बना कर भेजा है। सरकार द्वारा अनुमति मिलने के बाद यह कार्य करवाया जाएगा।