चंबा। जिले में वीरवार को धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम साफ रहने पर विभागीय मशीनरी भी बंद पड़े 22 मार्गों को बहाल करने के लिए मैदान में उतरी।
विभागीय लेबर और मशीनरी ने देर शाम तक 10 मार्गों को वाहनों के लिए बहाल कर दिया जबकि 12 मार्गों अभी तक बहाल नहीं हो पाए हैं। भरमौर में 5, तीसा में 2, चंबा, डलहौजी, सलूाी, पांगी और भटियात में 1-1 मार्ग यातायात के लिए बंद है। मार्गों के बंद होने से लोगों को आवाजाही अपने रिस्क पर ही करनी पड़ रही है। जिससे खासकर नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों और खरीददारी करने के लिए बाजारों का रुख करने वाली महिलाओं की मुसीबतें बढ़ी है। बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद जिंदगी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाई है।
भरमौर उपमंडल के तहत आते परिक्षेत्र में 19 ट्रांसफार्मर, तीसा और सलूणी में 3-3, भटियात, डलहौजी और चंबा में एक-एक ट्रांसफार्मर बंद होने से 140 गांवों में बीते तीन दिनों से ग्रामीण अंधेरे में ही रहने को विवश हैं। बिजली सप्लाई बंद होने से लोगों को अपने मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए मीलों का सफर तय कर दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, बिजली न होने से आटा चक्की, लोक मित्र केंद्र, साइबर कैफे पर भी ताला ही लटकने की नौबत आ चुकी है। लोग जल्द से जल्द बंद पड़ी बिजली की सप्लाई को सुचारु करवाने की राह ताक रहे हैं।
विद्युत बोर्ड प्रबंधन की ओर से वीरवार को बंद पड़े 35 ट्रांसफार्मरों में से 7 को सुचारु करवाया गया। अब 28 ट्रांसफार्मरों को सुचारु करने के लिए शुक्रवार को बोर्ड की टीमें फील्ड में उतरेंगी। भारी बारिश के बाद 10 पेजयल योजनाओं को भी क्षति पहुंची है। उधर, उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने बताया कि पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारु करने के लिए विभागीय टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं। जल्द व्यवस्थाएं बहाल होने की संभावना है।