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Chamba News: मालिक का बेटा था चालक, फिर भी नहीं मिला दुर्घटना बीमा

Thu, 01 Oct 2026 10:27 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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उपभोक्ता आयोग ने कहा- पर्सनल एक्सीडेंट कवर पंजीकृत मालिक-सह-चालक के लिए, बेटे को लाभ का अधिकार नहीं
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मोटरसाइकिल हादसे में नरिंदर की हुई थी मौत, 375 रुपये के प्रीमियम वाले कवर का दावा बीमा कंपनी ने किया था खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मोटरसाइकिल हादसे में वाहन मालिक के बेटे की मौत के बाद दायर पर्सनल एक्सीडेंट बीमा क्लेम को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंबा ने खारिज कर दिया है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि अनिवार्य पर्सनल एक्सीडेंट कवर पॉलिसी में दर्ज पंजीकृत मालिक-सह-चालक के लिए होता है। केवल वाहन मालिक का बेटा होने के आधार पर किसी अन्य व्यक्ति को इस कवर का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य नारायण ठाकुर की पीठ ने 24 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया। मामला भरमौर तहसील के सिलपाड़ी गांव निवासी चुहड़ी देवी की शिकायत से जुड़ा था। वह मोटरसाइकिल नंबर एचपी-46-2565 की पंजीकृत मालिक थीं। वाहन का आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी से व्यापक बीमा था। नौ अगस्त 2019 से आठ अगस्त 2024 तक प्रभावी पॉलिसी में मालिक-चालक के पर्सनल एक्सीडेंट कवर के लिए 375 रुपये का प्रीमियम भी जमा किया गया था।
13 अक्तूबर 2021 को मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उस समय वाहन शिकायतकर्ता का बेटा नरिंदर कुमार चला रहा था। हादसे में गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद चुहड़ी देवी ने बीमा कंपनी से पर्सनल एक्सीडेंट लाभ का दावा किया, जिसे कंपनी ने स्वीकार नहीं किया। इस पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए शिकायत दायर की।
पीठ ने इंडियन मोटर टैरिफ के जनरल रेगुलेशन-36 का हवाला देते हुए कहा कि अनिवार्य पर्सनल एक्सीडेंट कवर पंजीकृत मालिक-सह-चालक के लिए होता है। इसके लिए वाहन का पंजीकरण और बीमा पॉलिसी संबंधित व्यक्ति के नाम होना जरूरी है। हादसे के समय उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना भी आवश्यक है।
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आयोग ने पाया कि नरिंदर कुमार वाहन के पंजीकृत मालिक नहीं थे। वह केवल वाहन मालिक के बेटे थे। ऐसे में पॉलिसी के तहत जमा 375 रुपये का प्रीमियम उनके लिए व्यक्तिगत दुर्घटना लाभ का आधार नहीं बनता। आयोग ने बीमा कंपनी की ओर से क्लेम खारिज करने को उचित मानते हुए सेवा में कमी नहीं पाई और शिकायत खारिज कर दी।
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