पहली बार ले ली थी वापस, जिला अदालत में पहले ही रद्द हो चुकी है उनकी याचिका
मुंबई से चंबा में नकली नशीली दवाई पहुंचाने में उनकी कूरियर कंपनी कर रही थी कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नकली दवा मामले में गिरफ्तार कूरियर कंपनी की मालकिन आशा मैसी की जमानत याचिका को उच्च न्यायालय ने अगले माह के लिए टाल दिया है। सोमवार को उनकी याचिका पर सुनवाई हुई।
इसमें याचिका पक्ष के अधिवक्ता ने उन्हें जमानत पर छोड़ने की दलील रखी जबकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जो स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई, उसमें जमानत याचिका को रद्द करने की पैरवी की गई। इससे पहले भी आशा मैसी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, लेकिन बाद में उसे वापिस ले लिया। उन्होंने जिला अदालत में भी जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
अब उन्होंने उच्च न्यायालय में दूसरी बार अपनी याचिका दायर की है। जिसकी सुनवाई आठ अक्टूबर को तय हुई है। मुंबई से चंबा आने वाली नकली नशीली दवाइयों को उनकी कूरियर कंपनी ही पहुंचा रही थी। इसके लिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। मौजूदा समय में वह जेल में बंद है। वहां से निकलने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं। अब देखना होगा कि उच्च न्यायालय में उनकी याचिका स्वीकृत होती है या खारिज। राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि जमानत याचिका की सुनवाई फिलहाल अगले महीने के लिए टाली गई है। विभाग उसे रद्द कराने के लिए पूरे प्रयास कर रहा है।