तेलका (चंबा)। शारदीय नवरात्र के अवसर पर इस वर्ष भलेई माता मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षा से कम रह रही है। जहां कुछ दिनों में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी तो वहीं अधिकतर दिनों में संख्या सामान्य से काफी कम देखने को मिली। इसका मुख्य कारण क्षेत्र में लगातार खराब मौसम और जगह-जगह सड़कों का अवरुद्ध होना माना जा रहा है। तीसरे नवरात्र में मंदिर में लगभग 2500 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। अन्य दिनों में संख्या इससे भी कम रही है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चंबा-भलेई मार्ग कई स्थानों पर बंद रहा जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाओं के चलते न केवल यातायात बाधित हुआ बल्कि वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं जिन्हें खोलने में प्रशासन को लंबा समय लगा। इससे दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा रद्द करनी पड़ी या वे निर्धारित समय पर मंदिर नहीं पहुंच सके। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने के प्रयास भी किए गए लेकिन प्रतिकूल मौसम और मार्गों की स्थिति ने दर्शनार्थियों की संख्या पर असर डाला। डॉक्टर एलएन शर्मा ने कहा कि इस वर्ष भलेई माता मंदिर में श्रद्धालुओं की आवक में कमी आई है।
मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी के कारण स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ा है। मंदिर में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु नवरात्र के दौरान पहुंचते थे लेकिन इस बार श्रद्धालु कम पहुंच रहे हैं।
-सरस्वती नाथ, भलेई निवासी
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नवरात्र के दौरान भलेई क्षेत्र के छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी भी श्रद्धालुओं की संख्या पर निर्भर करती है। इस बार कम श्रद्धालुओं के आने से स्थिति बदली जरूर है।
-अजय जरयाल, भलेई निवासी
प्राकृतिक आपदा के बाद सड़कों की खस्ताहालत को लेकर श्रद्धालु काफी सहमे हुए हैं। यही मुख्य वजह है कि नवरात्र के उपलक्ष्य पर पहले की अपेक्षा कम श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
-इशू नाथ, भलेई निवासी