लाखों के भवन पर मंडरा रहा खतरा, दो बरसात बाद भी नहीं सुधरे हालात
सुरक्षा दीवार और निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। आपदा के बाद परेल वर्कशॉप में जमा मलबा अब एचआरटीसी के चालक प्रशिक्षण केंद्र की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बन गया है। दो बरसात बीतने के बाद भी भवन के आसपास कई जगह मलबा और पत्थर जमा हैं।
दूसरी मंजिल की खिड़कियों तक पहुंचे पत्थरों से भवन को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ऐसे में सुरक्षा दीवार लगाने और पानी की निकासी दुरुस्त करने की मांग उठने लगी है।
चालक प्रशिक्षण केंद्र का संचालन इसी भवन में हो रहा है। वर्कशॉप परिसर में निगम की विभिन्न गतिविधियां भी होती हैं। ऐसे में भवन के आसपास मलबा जमा होना और पानी की निकासी का उचित प्रबंध न होना खतरे की आशंका बढ़ा रहा है। समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भवन को और नुकसान हो सकता है।
निगम की ओर से लाखों खर्च कर बनाए गए भवन की सुध निगम प्रबंधन को समय रहते लेनी चाहिए। जिससे ये भवन धराशायी न हो सके। - भूपिंद्र जसरोटिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सेवानिवृत कल्याण मंच
परेल वर्कशॉप और प्रशिक्षण केंद्र के परिसर और इर्द-गर्द मलबे के ढेर लगे हुए हैं, जिसे अभी तक यहां से हटाया नहीं जा सका है। यह निगम की लापरवाही को दर्शाता है। - दीवान चंद ठाकुर, अध्यक्ष, सेवानिवृत कल्याण मंच चंबा
भवन की दूसरी मंजिल की खिड़कियों और भवन को भी इस मलबे और पत्थरों से नुकसान पहुंच सकता है।समय रहते प्रबंधन को इस भवन की सुध लेनी चाहिए। - रविंद्र कुमार, महासविच, सेवानिवृत कल्याण मंच चंबा
भवन की सुरक्षा को लेकर जल्द कदम उठाने चाहिए। मलबा हटा कर सुरक्षा दीवार बनाने और पानी की निकासी को दुरुस्त करना चाहिए। - आनंद कुमार, उपाध्यक्ष, सेवानिवृत कल्याण मंच चंबा
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35 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि आपदा से हुए नुकसान के बाद करीब 35 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। चालक प्रशिक्षण केंद्र के मैदान में आया मलबा जेसीबी से हटाया गया है, जिसके बाद केंद्र का संचालन हो रहा है। भवन के आसपास कई जगहों पर अभी भी मलबा जमा है। प्रस्ताव को लेकर निगम अधिकारियों से दोबारा चर्चा की जाएगी।