चंबा। जिला उपभोक्ता आयोग ने हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार की मरम्मत के लिए बीमा क्लेम न देने पर बीमा कंपनी को 83,907 रुपये की राशि नौ प्रतिशत ब्याज से ग्राहक को अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही मुकदमे की लागत 5,000 रुपये और शिकायतकर्ता को 10,000 रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार पवन कुमार निवासी ग्राम कांडा, बनीखेत ने बताया कि उसने होंडा सिटी कार का बीमा करवाया था, जो कि 28 जून 2022 से 27 जून 2023 तक वैध था। 1 जुलाई 2022 को सुर्खिगला के पास उसकी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना में वाहन का फ्रंट बंपर, बाएं और दाएं फेंडर, दरवाजा और पिछला पिलर क्षतिग्रस्त हो गए।
उसने पठानकोट के गैराज में कार पहुंचाई और बीमा कंपनी से संपर्क किया। 11 दिन तक गैराज में रहने के बावजूद इंश्योरेंस कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। गैराज में 95,048 रुपये का खर्च कार की मरम्मत पर आया, जिसे कंपनी ने नही भरा। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग में आईसीआईओ लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ याचिका दर्ज की। अब आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा की अदालत ने बीमा कंपनी को राशि भरने का आदेश दिया है।