साहो (चंबा)। एचआरटीसी की चंबा-बाट रूट की बस आखिरकार पांच माह के बाद अपने निर्धारित रूट बाट तक पहुंचने लगी है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। इससे पहले यह बस बाट से करीब तीन किलोमीटर पहले ही रोक दी जाती थी, जिससे यात्रियों को अंधेरे और जंगली जानवरों के डर के बीच पैदल सफर तय करना पड़ता था। कुछ दिन पहले बस से उतरकर पैदल जा रहीं दो महिलाओं पर भालू ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल महिलाओं को मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी रोष फैल गया और ग्रामीणों ने प्रशासन और एचआरटीसी से बस को निर्धारित रूट तक चलाने की मांग की थी।
ग्रामीणों ने बताया कि यह बस चंबा से शाम 5:30 बजे चलती है और सर्दियों के मौसम में अंधेरा जल्दी हो जाता है। पहले यात्रियों को करीब 7 बजे से पहले ही तीन किलोमीटर पीछे उतार दिया जाता था, जिससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी खतरे का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीण रमेश शर्मा, बीटू, ओमी, शशि कुमार, रविंद्र कुमार और दारुण ने कहा कि लोगों की मांग पर अब बस चंबा से सीधे बाट तक पहुंच रही है। इससे उटीप, कुमारका और बाट पंचायतों के लोगों को सीधा लाभ मिला है। साथ ही आवाजाही पहले से अधिक सुरक्षित हो गई है।