सरेंई के रास्ते पर एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, खुले में पड़े स्टॉक से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
मालवाहक से उतारकर छोड़ा स्टॉक, बच्चों-मवेशियों के पहुंचने की आशंका, लोगों ने जांच और कार्रवाई मांगी
प्रवीण कुमार
चंबा। बोतलों पर तारीख खत्म हुई तो उनका ठिकाना गोदाम नहीं, सरेंई गांव का रास्ता बन गया। रविवार दोपहर मालवाहक वाहन से सैकड़ों एक्सपायर कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क के किनारे फेंक दी गईं।
देखते ही देखते रास्ते का किनारा एक्सपायर स्टॉक के ढेर में बदल गया। खुले में पड़े इस स्टॉक ने न केवल सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक्सपायर पेय पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
सड़क के किनारे बिखरी बोतलें आने-जाने वाले लोगों के सामने साफ नजर आ रही हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक खुले में पड़े पेय पदार्थ बच्चों और मवेशियों की पहुंच में हैं। इनके गलती से सेवन करने की आशंका को देखते हुए लोगों ने स्टॉक को तत्काल हटाने की मांग की है। लंबे समय तक बोतलें खुले में पड़ी रहने से आसपास कचरा फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
सूरज कुमार, महिंद्र सिंह, संजय शर्मा, अजय कुमार, मनोज कुमार और पवन कुमार ने बताया कि एक्सपायर स्टॉक कंपनी को वापस भेजने के बजाय रास्ते के किनारे फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि विभाग को यह जांचना चाहिए कि इतनी बड़ी संख्या में एक्सपायर बोतलें यहां किसने और क्यों फेंकीं। लोगों ने जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि एक्सपायर पेय पदार्थों के निस्तारण की जिम्मेदारी किसकी है। यदि स्टॉक को खुले में ही छोड़ दिया जाए तो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नियमों के पालन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने सड़क किनारे पड़े स्टॉक को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। जिस व्यापारी ने ऐसा किया है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।