चंबा के करियां हैलीपैड में होशियारपुर से अपने पिता का शव लेने पहुंचा बेटा दूरभाष से जानकारी जु
चंबा। मणिमहेश यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजन चंबा में शवों के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन प्रशासन ने शवों को एमआई हेलिकाप्टर के माध्यम से भरमौर से सीधे पठानकोट भेज दिया। दिव्यांग बुजुर्ग हों या छुट्टी लेकर पहुंचा बेटा, सभी की आंखें चंबा के आसमान में चॉपर को टकटकी लगाए देखती रहीं, लेकिन शव उनकी पहुंच से दूर पठानकोट ले जाए गए। पंजाब के होशियारपुर के प्रेम सिंह, जो दिव्यांग हैं, 10 दिन से चंबा में अपने बेटे अनमोल दीप के शव के इंतजार में थे। बुधवार को सूचना मिली कि चॉपर से शव करियां हेलीपैड (चंबा) लाया जाएगा।
उन्होंने उम्मीद के साथ अपने परिजनों को हेलीपैड भेजा, लेकिन काफी इंतजार के बाद जब डीसी मुकेश रेपसवाल के माध्यम से उन्हें पता चला कि शव भरमौर से पठानकोट ले जाया जा रहा है तो उनका धैर्य टूट गया। उन्होंने आनन-फानन में एक रिश्तेदार को पठानकोट शव लेने भेजा और खुद टैक्सी लेकर रवाना हुए। उधर, पंजाब के होशियारपुर में पुलिस में एएसआई रहे रविंदर राणा की मणिमहेश यात्रा में मृत्यु हो गई थी। उनका बेटा बीते छह दिन से चंबा में शव की प्राप्ति के लिए अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगा रहा है। बुधवार को उन्हें सूचना मिली कि शव मिल जाएगा तो उन्होंने निजी एंबुलेंस तक की व्यवस्था कर ली, लेकिन ऐन मौके पर बताया गया कि शव सीधे पठानकोट भेजा जा रहा है। चॉपर उनकी आंखों के सामने उड़ गया और वह बेबस होकर गाड़ी से पठानकोट के लिए रवाना हुए।
समय पर जानकारी न देने का आरोपपरिजनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से समय पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। शवों को कहां लाया जाएगा, इस पर भ्रम बना रहा। स्थानीय लोगों ने मांग की कि ऐसे संवेदनशील मामलों में मानवीय संवेदना और व्यावहारिकता के साथ निर्णय लिए जाने चाहिए।
चंबा के करियां हैलीपैड में होशियारपुर से अपने पिता का शव लेने पहुंचा बेटा दूरभाष से जानकारी जु
चंबा के करियां हैलीपैड में होशियारपुर से अपने पिता का शव लेने पहुंचा बेटा दूरभाष से जानकारी जु