चंबा। शहर में लावारिस कुत्तों का खतरा एक बार फिर से लोगों की जिंदगी में डर घोल रहा है। नगर परिषद और पशुपालन विभाग द्वारा बीते महीने शुरू किया गया कुत्ताें को पकड़ने और टीकाकरण का अभियान चंद दिन के अंदर ही बिना किसी ठोस नतीजे के ठप पड़ गया।
अब हालात यह हैं कि सुबह-शाम टहलने निकले लोग, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग हमले के डर से सहमे हुए हैं। अस्पताल रोड से लेकर शहर के विभिन्न वार्डों तक, हर गली में कुत्तों का झुंड खुलेआम घूमता नजर आ रहा है। मंगलवार को शहर में नौ लोगों को कुत्तों ने काट लिया है, जिससे लोगों में डर और बढ़ गया है। स्थानीय नागरिक विनायक ठाकुर, कमल कुमार, जगदीश कुमार, महिंद्र कुमार और दलजीत सिंह ने बताया कि अभियान सिर्फ औपचारिकता तक सीमित रहा। कुछ कुत्तों को पकड़कर टीके लगाए गए, लेकिन उसके बाद कोई फॉलोअप नहीं हुआ। एक-दो दिन की गाड़ी आई, टीम गश्त करती दिखी, फिर वो भी गायब हो गई। अब वही डर और वही खतरा फिर से लौट आया है।
बच्चों को स्कूल भेजने का खतरा
अभिभावकों का कहना है कि अब तो बच्चों को स्कूल भेजने से पहले दुआ करनी पड़ती है कि रास्ते में कोई कुत्ता हमला न कर दे। कई मामलों में बच्चे और बुजुर्ग अस्पताल पहुंच चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान का कोई नामोनिशान नहीं।
मामला ध्यान में है। दोबारा कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण का अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए डॉग कैचर को बुलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। नीलम नैयर, अध्यक्ष, नगर परिषद चंबा