चंबा। शिमला से शुक्रवार शाम 6:20 बजे सवारियाें को लेकर रवाना हुई निगम की बस ने चंबा पहुंचने में रिकॉर्ड 21 घंटों का समय लगा दिया। हिमाचल पथ परिवहन निगम की खटारा बस में टिकट बुक करवा कर सफर करने वाली सवारियां लचर व्यवस्था को कोसती नजर आईं। जगह-जगह निगम की बस के टायर पंक्चर होने से यात्री परेशान होते रहे। ऐसे में बस मध्यरात्रि 1:30 बजे तक बिलासपुर नहीं पहुंच पाई। खैर, रिकॉर्ड सफर तय कर आखिरकार शनिवार दोपहर बाद 3:00 बजे बस चंबा पहुंच पाई। चंबा पहुंचने पर सवारियों की जान में जान आई। सवारियों ने एचआरटीसी प्रबंधन से प्राथमिकता के आधार पर लंबी दूरी के रूटों पर नई बसें चलाने की मांग उठाई है।
सवारियों में मुकेश कुमार शर्मा, राजीव कुमार, नरेश कुमार, अमित कुमार, राकेश कुमार ने बताया कि एचआरटीसी की बसों की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि अब लोग उसमें सफर करने से तौबा करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम शिमला से चंबा के लिए निकली खटारा बस निकली। जैसे-तैसे कर चालक-परिचालक बार-बार पंक्चर होने वाले टायरों को बदलवा कर आगे रवाना होते रहे। उन्होंने बताया कि बस अमूमन 21 घंटे बाद शनिवार दोपहर 3:00 बजे चंबा पहुंची।