चंबा। एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) में 6.3 वर्ष की अवधि तक राशि जमा करवाने के बाद भी जब कंपनी ने भुगतान नहीं किया तो उपभोक्ता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग धर्मशाला/चंबा ने कंपनी को एक लाख रुपये राशि नौ प्रतिशत ब्याज सहित शिकायतकर्ता को लौटाने के आदेश दिए हैं।
साथ ही 5,000 अदालती शुल्क और 5,000 मानसिक क्षतिपूर्ति भी अदा करने को कहा है। जानकारी के अनुसार पीड़ित आलम गिर पुत्र मुस्सा निवासी लंजी, चंबा ने बताया कि उसने केआईएम इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स लिमिटेड में 14 जनवरी 2013 को 6.3 वर्ष की अवधि के लिए 50,000 रुपये की राशि एफडी में जमा की थी। यह एफडी 13 अप्रैल 2019 को परिपक्व हो गई और 1,00,000 रुपये की परिपक्वता राशि देय हो गई।
उसने कंपनी कार्यालय का दौरा किया और उक्त राशि की वापसी की मांग की तो उन्होंने राशि देने से साफ मनाकर दिया। कहीं से भी न्याय न मिलता देख उसने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण कमीशन धर्मशाला/चंबा का दरवाजा खटखटाया। साथ ही न्यायालय में राशि जमा करने को लेकर समस्त दस्तावेज और सबूत भी पेश किए। इसके तहत अब उपभोक्ता विवाद निवारण कमीशन धर्मशाला/चंबा की अध्यक्षता करते हुए आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा की अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है।