करियां पंचायत में लोगों के घरों में पहुंची मिट्टी युक्त पानी की सप्लाई
लोग बोले- पीने तो दूर, कपड़े धोने के लिए इस्तेमाल नहीं कर पाए पानी
टंकियों में भरा मटमैला पानी, अब उसकी सफाई कराने की बढ़ी चिंता
पहली ही बारिश ने यह साफ कर दिया कि कागजों में स्वच्छ जल की व्यवस्था और जमीनी हकीकत में कितना फर्क है। करियां पंचायत में नलों से निकले मटमैले पानी ने न सिर्फ लोगों की दिनचर्या बिगाड़ी, बल्कि जल शक्ति विभाग की तैयारियों पर भी सवालों की बौछार कर दी। पीने का पानी जुटाने के लिए ग्रामीणों को फिर प्राकृतिक स्रोतों की राह पकड़नी पड़ी।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मानसून की पहली बारिश ने ही जल शक्ति विभाग की पोल खोल दी। पंचायत करियां में लोगों ने जैसे ही बुधवार सुबह नलके चलाए तो मिट्टी युक्त पानी बहने लगा। इसे पीना तो दूर लोग कपड़े धोने के लिए भी इस्तेमाल नहीं कर पाए। पानी की टंकी गंदे पानी से भर गई। अब लोगों को टंकी खाली करवाकर सफाई करवाने की चिंता बढ़ गई है। पीने के पानी का जुगाड़ करने के लिए नलके में कपड़ा बांधकर बाल्टियों में पानी भरा। उसका रंग फिर भी साफ नहीं हुआ। उन्हें मजबूरन प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोना पड़ा। लोगों का कहना है कि जब भी बारिश होती है तो नलकों में पानी मटमैला आता है। वे इसका इस्तेमाल पीने में नहीं कर पाते।
उधर, जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र शर्मा ने बताया कि पेयजल स्त्रोंत से पानी मटमैला आने से यह समस्या हुई। लोगों को स्वच्छ जल मुहैया करवाने के लिए विभाग मुस्तैदी से कार्य कर रहा है।
बरसात की पहली बारिश में लोगों के घरों में मटमैला पानी आया। बारिश कई दिन तक रहती है तो उन्हें पीने का पानी जुटाना मुश्किल हो जाएगा। विभाग को समस्या का समाधान करना चाहिए। - अबू वार्ड पंच
नलके में पानी जिस तरह का पानी आया, उसे पीने से लोग बीमारी का शिकार भी हो सकते हैं। परियोजना प्रभावित पंचायत में लोगों को स्वच्छ पानी की सुविधा भी नहीं मिल रही है। - रिंकू कुमार
जो पानी एनएचपीसी की काॅलोनी में सप्लाई होता है, वही पानी करियां पंचायत के लोगों को भी मिलना चाहिए ताकि बरसात में उन्हें मटमैले पानी की दिक्कत का सामना न करना पड़े। - समर ठाकुर
बरसात के मौसम में बारिश का क्रम लगातार चलता रहता है, इसलिए जलशक्ति विभाग को स्वच्छ पानी मुहैया करवाने के लिए उचित प्रबंध रखने चाहिए। - अमन ठाकुर