रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले प्रत्येक विक्रेता से लिया जाएगा 1000 रुपये तहबाजारी शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मिंजर मेले के दौरान चौगानों की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए तहबाजारी समिति ने अहम निर्णय लिया है।
समिति ने तय किया है कि मेले में चौगान क्षेत्र में करीब 150 रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले प्रत्येक विक्रेता से 1,000 रुपये तहबाजारी शुल्क लिया जाएगा। इस शुल्क से प्राप्त राशि का उपयोग चौगानों की सफाई और स्वच्छता व्यवस्था पर किया जाएगा। तहबाजारी समिति ने रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए निर्धारित स्थान भी उपलब्ध करवा दिए हैं। समिति की मानें तो इस व्यवस्था से एक ओर छोटे कारोबारियों को व्यवसाय करने का अवसर मिलेगा, दूसरी ओर चौगानों की सफाई और रखरखाव भी बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए चौगान नंबर चार निर्धारित किया गया था। वहां कारोबार सही न होने के चलते फड़ी धारक अवैध रूप से चौगान में आ गए और फड़ी सजा दी गई। लिहाजा, इस समस्या का समाधान निकालते हुए प्रतिदिन के हिसाब से एक हजार रुपये की राशि लेने का निर्णय लिया। अब चौगान में रेहड़ी-फड़ी धारकों को जगह दे दी गई है। हालांकि, अंदरखाते कुछ फड़ी धारक इसका विरोध भी कर रहे हैं मगर अब मेले का कारोबार अंतिम चरण है। नौ अगस्त तक ही कारोबार चौगान में होगा। एसडीएम चंबा चिराग शर्मा ने बताया कि रेहड़ी फड़ी धारकों को स्थान उपलब्ध करवा दिया है।