करियां से बैली सड़क बंद होने से ग्रामीण झेल रहे परेशानी। स्त्रोत ग्रामीण।
चार महीनों से बंद है करियां-बैली सड़क, कछुआ गति से चल रहा बहाली का कार्य
लोग बोले- सदर विधायक से भी लगा चुके हैं गुहार, नहीं हो पाई सकारात्मक पहल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अपनी गाड़ी होते हुए भी बीमार बच्चे का इलाज करवाने के लिए टैक्सी कर चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है। करियां-बैली मार्ग पिछले चार महीनों से बंद है। गांव वासियों की जो गाड़ियां वहां फंसी हैं, इन्हें वे चाहकर भी नहीं निकाल पा रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार को मार्ग बहाली का कार्य सौंप रखा है। वह कछुआ गति से इस कार्य को अंजाम दे रहा है। इस कारण ग्रामीणों को बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। बैली गांव निवासी नीरज ने बताया कि उनके बेटे को स्वास्थ्य जांच के लिए चंडीगढ़ लेकर जाना है लेकिन उनकी गाड़ी गांव में फंसी है। इस कारण वह पहले भी टैक्सी कर जांच करवाने गए थे। अब दो दिन बाद उन्हें फिर से बच्चे की जांच करवाने के लिए जाना पड़ेगा। इस बार भी उन्हें टैक्सी कर ही जाना पड़ेगा। खुद की गाड़ी रास्ता बंद होने के कारण धूल फांक रही है।
ग्रामीणों में चेत राम, होशियार सिंह, रवि कुमार, तिलक और योगराज ने बताया कि चार महीने पहले भारी बारिश से जिले में जितने भी मार्ग बंद हुए थे, वे सभी बहाल हो चुके हैं लेकिन बैली मार्ग कब बहाल होगा। सदर के विधायक नीरज नैय्यर को भी सड़क खुलवाने के लिए लोग कई बार अवगत करवा चुके हैं लेकिन वहां से भी अभी तक निराशा ही मिली है। उधर, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि मार्ग को बहाल करने के लिए मशीन लगी है। ठेकेदार को जल्द मार्ग बहाल करवाने के निर्देश दिए जाएंगे।