जिले की गृहिणियों, पेंशनरों और युवाओं ने बजट को बताया निराशाजनक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का चौथा बजट को कई लोगों ने सराहा तो कइयों ने इसे महज निराशाजनक करार दिया।
हालांकि, मुख्यमंत्री की ओर से विधानसभा पटल पर रखे गए बजट में हर वर्ग को खुश करने का प्रयास किया गया है लेकिन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और पेंशनरों के लंबित मेडिकल बिल और देय भत्तों को लेकर बजट में किसी प्रकार का प्रावधान न होने से इन वर्गों को खासी निराशा हाथ लगी हैं। ऐसे में ये सरकार और उसकी कार्य प्रणाली को कोसते नजर आ रहे हैं।
बजट में महंगाई पर अंकुश लगाने को लेकर कोई विशेष प्रयास होते नजर नहीं आ रहे हैं। शनिवार को विधानसभा में पेश हुए बजट से महिलाओं को खासकर निराशा ही हाथ लगी है। - सीमा देवी, गृहिणी
व्यापारी वर्ग के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से अब रात्रि 12 बजे तक दुकानें खुली रखने की घोषणा स्वागत योग्य है। इससे पहले रात को 8 बजे तक ही दुकानें बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। - रविंद्र सिंह टंडन, व्यापारी
सरकार की ओर से बढ़ती बेरोजगारी को रोकने के लिए सभी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयास करने चाहिए। बजट से उम्मीद थी कि नौकरियों की घोषणा होगी लेकिन कुछ पदों को छोड़ कोई प्रावधान नहीं किया है। - राम सिंह ठाकुर, युवा
पेंशनरों का हक देने में सुक्खू सरकार नाकाम साबित हुई है। पेंशनरों के डीए समेत अन्य भत्ते देय हैं जो बजट सत्र में भी पूरे नहीं किए जा सके हैं। इससे पेंशनर वर्ग हताश है। - डॉक्टर डीके सोनी, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय राज्य पेंशनर संघ
सरकार की ओर से साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए साइबर मित्र नियुक्त करने का निर्णय सराहनीय है। इन दिनों साइबर क्राइम की काफी शिकायतें आ रही है। - मान सिंह, स्थानीय निवासी
प्रदेश सरकार की ओर से दुग्ध के दामों में बढ़ोतरी की गई है। इस कार्य में दुग्ध उत्पादकों की काफी मेहनत लगती है। सरकार का यह फैसला प्रशंसनीय है। - लेख राज, पशुपालक निवासी