चंबा की पिछला डियुर पंचायत मे बनाई गई लक्कड़ी की अस्थाई पुलिया।संवाद
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की चार पंचायतों से जुड़े दुमेल नाले पर तीन साल से पुली का निर्माण नहीं हो पाया है। तीन साल पहले बाढ़ से यहां पुली बह गई थी। अब स्कूली छात्रों से लेकर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों ने अपने स्तर पर गिरे हुए पेड़ों को नाले के आर-पार रखकर अस्थायी व्यवस्था की है, लेकिन यह काफी खतरनाक है।
गरोण, डियुर, लारन और डंडियाली स्कूलों के विद्यार्थी रोजाना नाले को पार करते हैं। अभिभावकों को उनकी चिंता सताती रहती है। ग्रामीण हंसराज, केवल कुमार, प्यार सिंह, सुरेंद्र, होशियारा राम, रमेश और मनोज कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत पिछला डियुर, डियुर, भडेला और कंधवारा के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग इस नाले को रोजाना पार करते हैं। वहां पर पुली का होना काफी जरूरी है। अन्यथा कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उधर, पिछला डियुर पंचायत प्रधान भीलो राम ने बताया कि चार माह पहले नाले में पुली बनाने के लिए 12 लाख रुपये की अनुमति मिल चुकी है। जल्द ही पुली का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा।