चंबा। भरमौर उपमंडल के बुढ्ढिल नाले के किनारे मिले शव की पहचान पठानकोट के टैक्सी चालक सुरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। मृतक की शिनाख्त परिजनों के डीएनए से हुई है, क्योंकि यह शव गल-सड़ चुका था। मंगलवार को ही परिजनों ने चंबा में ही रावी नदी के तट पर सुरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार सुरेंद्र कुमार गगल से तीन महिला चिकित्सकों को मणिमहेश यात्रा पर लाए थे और 23 अगस्त को हड़सर पहुंचे। इसके बाद 27 अगस्त को जब तीनों महिला चिकित्सक लौटीं, तब मोबाइल सिग्नल न मिलने के कारण चालक का पता नहीं चल पाया।
उनकी गाड़ी प्रंघाला के पास खड़ी मिली थी। पुलिस और पर्वतारोहियों की टीम ने ड्रोन का उपयोग कर खोजबीन की। बुढ्ढिल नाले के किनारे शव मिलने के बाद डीएनए सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच में उसकी पहचान टैक्सी चालक सुरेंद्र कुमार के रूप में हुई। पुलिस अधीक्षक चंबा अभिषेक यादव ने मंगलवार को परिजनों को शव सौंप दिया। इसके बाद परिजनों और समाजसेवी संस्था के सदस्यों ने रावी नदी के तट पर सुरेंद्र का अंतिम संस्कार किया।