चंबा। देवदार के पड़ों के अवैध कटान के मामले में लकड़ी बरामद करने के बाद भी वन रक्षक के वेतन पर लगी रोक नहीं हटाई गई है। अभी तक मामले में जांच पूरी नहीं हो पाई है।
इसके चलते वन मंडल अधिकारी ने तीन महीने से वन रक्षक को वेतन का भुगतान नहीं होने दिया है। उसके वेतन पर रोक लगाकर रखी है, जिससे अवैध कटान मामले में पूरी रिकवरी की जा सके। डियुर जंगल में वन रक्षक ड्यूटी से नदारद था। साथ ही उसके परिक्षेत्र में देवदार के पेड़ों का अवैध कटान भी निकला। इसके चलते वन विभाग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके वेतन पर रोक लगा दी थी। उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। इतना ही नहीं, जंगल में कटे हुए देवदार के पेड़ों की लकड़ी को बरामद करने के आदेश दिए थे। इसके बाद वन रक्षक ने जंगल में खोजबीन कर काटे गए पेड़ों की लकड़ी को बरामद किया। इसे विभाग के पास जमा करवाया। अब इस मामले में जांच कर रहे वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अभी तक अपनी अंतिम रिपोर्ट वन मंडल अधिकारी को नहीं सौंपी। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही वन मंडल अधिकारी अपनी आगामी कार्रवाई करेंगे।
वन मंडल अधिकारी चुराह सुशील कुमार गुलेरिया ने बताया कि वन रक्षक के वेतन के भुगतान पर अभी तक रोक लगी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा।