चंबा के चौगान नंबर पांच में रखे गये चिल्ड्रन पार्क से उखाड़े गये झूले।संवाद
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान प्रशासन ने चिल्ड्रन पार्क में स्थापित झूलों को उखाड़कर अस्थायी बाजार लगाकर कमाई तो कर ली, लेकिन झूलों को दोबारा स्थापित नहीं किया गया। अब चिल्ड्रन पार्क की सुध नहीं ली जा रही है।
झूले न होने के कारण शहर के बच्चों को खेलने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उखाड़े गए झूलों को नगर परिषद और उपमंडल प्रशासन मिंजर मेले के बाद दोबारा स्थापित करने की बात कही थी। झूले स्थापित न होने के कारण शहरवासियों में रोष है। उन्होंने प्रशासन और नगर परिषद पर अनदेखी का आरोप लगाया है।
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान चौगान नंबर चार का व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया। चौगान लाखों रुपये में बिका था। इसमें झूले उखाड़ने के बाद अस्थायी बाजार लगाकर प्रशासन ने कमाई तो कर ली, मगर अब बच्चों के मनाेरंजन के साधन को स्थापित नहीं किया जा रहा है। शहरवासियों में राकेश कुमार, अमिता देवी, सुनील कुमार, पूजा कुमारी, रेखा देवी, नीरज कुमार, अमित कुमार, रणवीर सिंह और मिथुन कुमार ने कहा कि जुलाई के अंतिम सप्ताह से लेकर अगस्त के पहले सप्ताह तक मिंजर मेले का आयोजन किया गया था। इसके लिए प्रशासन ने चारों चौगान को नीलाम किया था। अन्य चौगान को तो प्रशासन ने दुरुस्त कर दिया है, मगर चिल्ड्रन पार्क से हटाए झूले स्थापित नहीं किए जा सके हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि उखाड़े गए झूलों को दोबारा पार्क में स्थापित किया जाए। साथ ही नए झूलों की खरीद भी की जाए।
उधर, एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में है। कहा कि नगर परिषद चंबा के अधिकारियों को इस बारे में निर्देशित किया गया है। जल्द ही पार्क में झूले स्थापित करवा दिए जाएंगे।