गुप्त सूचना पर पुलिस टीम ने नशीले कैप्सूलों के कुरियर के साथ पकड़ा था आरोपी
सुनवाई से पहले तोड़ दिया दम, कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के अभाव में किया बरी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नशीले कैप्सूलों के मामले में पकड़ा आरोपी न्यायालय से बरी होने से पहले ही जिंदगी की जंग हार गया। अपर सत्र न्यायाधीश चंबा रमणीक शर्मा की अदालत ने सबूतों और गवाहों के अभाव में आरोपी को बरी कर दिया।
26 मार्च, 2022 को पुलिस टीम रूटीन गश्त के दौरान शहर के साथ लगते सुल्तानपुर में पहुंची। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि नशीली दवाइयों का कारोबार कुरियर के जरिये भी हो रहा है। टीम ने देखा कि आरोपी बाइक पर सवार था। उसके हाथ में एक पार्सल था। पुलिस टीम को देखकर आरोपी घबरा गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उससे रात के समय कुरियर को लेकर सवाल किया। इसका आरोपी कोई सही जवाब नहीं दे पाया। पुलिस ने पार्सल खुलवाया तो उसके अंदर एक सफेद रंग का डिब्बा मिला। बॉक्स खोलने पर उसके भीतर से प्रीगैब्लिन और मिथाइलकोबालिमिन कैप्सूल की 20 स्ट्रिप्स (टैबलेट) मिलीं। पुलिस अधिकारी के फोन पर औषधि निरीक्षक को सूचित कर मौके पर बुलाया। कैप्सूल के बारे में पूछताछ करने पर औषधि निरीक्षक ने खुलासा किया उक्त औषधियां ड्रग एवं कॉस्मेटिक के दायरे में आती हैं। पुलिस टीम ने अपनी कार्रवाई करने के बाद पकड़ी गईं नशीली दवाओं को ड्रग इंस्पेक्टर के सुपुर्द कर दिया। औषधि निरीक्षक ने अपने स्तर पर मामले को लेकर याचिका तैयार कर न्यायालय में दायर की। केस बनाकर आरोपी को जमानत दे दी थी। इसके बाद अब मामले की सुनवाई से पहले आरोपी की मौत हो गई। वहीं, न्यायालय ने भी सबूत और गवाह न होने पर आरोपी को बरी कर दिया।