चंबा। शहर के विकास कार्यों के टेंडर आखिरी तारीख पर नहीं खुल पाए हैं। नगर परिषद ने 25 लाख रुपये के विकास कार्य करवाने के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए थे।
इन्हें खोलने की शनिवार को आखिरी तारीख थी, लेकिन टेंडर नहीं खुल पाए हैं। उधर, ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि जब भी विकास कार्य के टेंडर करवाए जाते हैं तो नगर परिषद हर बार ऐसा ही करती है। टेंडर खोलने के लिए खुद समय देती है, उसके बाद भी टेंडर नहीं खोले जाते हैं। ऐसे में शहर में लटके विकास कार्य के बीच में टेंडर खुलने का पेच फंस गया है। हालांकि, नगर परिषद का दावा है कि कनिष्ठ अभियंता ट्रेनिंग के लिए गई हैं। उन्होंने सोमवार को ही टेंडर खोलने का समय दिया है। फाइलों में शनिवार को ही टेंडर खुले जाने थे। लंबे समय से शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे थे। लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावी होने के कारण शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्य लटक गए थे। चुनाव प्रक्रिया निपटने के बाद विकास कार्य शुरू करने के लिए ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए गए थे। ऐसे में शनिवार को टेंडर खोले जाने थे।
कुछ दिन पहले नगर परिषद ने शहर के विकास कार्यों को लेकर 25 लाख के टेंडर आमंत्रित किए थे। इसमें शहर के 11 वार्डों में सड़क की मरम्मत, नालियां, लोहे के जाले सहित विभिन्न विकास कार्य शामिल किए गए हैं, क्योंकि शहर में दो सालों से विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। इस कारण सड़कें खस्ताहाल, नालियां टूटी, स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। अब सोमवार को ही टेंडर खुलने की उम्मीद है।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि टेंडर खोलने की तारीख तो शनिवार की थी, लेकिन कनिष्ठ अभियंता के कार्यालय में न होने के कारण सोमवार को ही टेंडर खोले जा सकते हैं।