चिकित्सक के साथ हुई दरिंदगी के बाद महिला चिकित्सक के पक्ष में रैली निकालते चिकित्सक। संवाद
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में जब पुलिस चौकी या निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या नहीं बढ़ा दी जाती, तब तक जिला प्रशासन मेडिकल कॉलेज में कम से कम दस पुलिस कर्मचारियों को नियुक्त करे। ये 24 घंटे अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा में तैनात रहें।
कोलकाता में महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के बाद देश के सभी डॉक्टर अब असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। खासतौर पर आकांक्षी जिले के डॉक्टर ज्यादा असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। यह बात असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन के प्रधान डॉक्टर मानिक सहगल ने कही। उन्होंने कहा कि चंबा में जब मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ था, तब सुरक्षा के लिए यहां निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया था। उस दौरान जितनी संख्या में ये सुरक्षा कर्मी तैनात थे। मौजूदा समय में उनकी संख्या आधी रह गई है। इसके चलते अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसको लेकर उन्होंने जिला प्रशासन को भी लिखित में एक मांगपत्र सौंप दिया है। यदि प्रशासन ने इस दिशा में कोई भी उचित कदम नहीं उठाए तो आने वाले में कोई भी घटना मेडिकल कॉलेज में होती है तो उसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से प्रशासन की होगी। उन्होंने सरकार से भी मांग की है कि डॉक्टरों व अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाए जाएं। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं भले ही बंद रखी गई हैं, लेकिन इमरजेंसी केस के लिए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा आपातकालीन कक्ष में भी मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।