सलूणी (चंबा)। परख के तहत जहां जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी बेहतर परिणाम के लिए प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ किहार क्षेत्र के तहत आते एक निजी स्कूल ने अब तक जीरो पीरियड नहीं लगाया जा रहा है। यह खुलासा उस वक्त हुआ जब तहसीलदार सलूणी की अगुवाई में टीम स्कूल में औचक निरीक्षण करने पहुंची।
मौके पर पहुंची टीम ने स्कूल परख की तैयारियों को लेकर जांच की। इस दौरान पाया गया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से जीरो पीरियड नहीं लगाया जा रहा है। बहरहाल तहसीलदार सलूणी ने निजी स्कूल प्रधानाचार्य को नियमित तौर जीरो पीरियड लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भांदल पहुंची, जहां परख परीक्षा के तहत जीरो पीरियड तो लगाए जा रहे हैं, मगर स्कूली विद्यार्थी नियमित नहीं हैं। अधिकतर बच्चे जीरो पीरियड नहीं लगा रहे है। इससे परख परीक्षा के परिणाम पर असर पड़ सकता है। लिहाजा टीम ने इस बारे व्यापक रिपोर्ट तैयार की है। साथ ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए। गौरतलब है कि परख के तहत तीसरा मॉक टेस्ट हो चुका है, जबकि अब चार दिसंबर को मुख्य परीक्षा होगी। इसके लिए विभागीय अधिकारी नियमित तौर पर निरीक्षण कर रहे हैं। स्कूलों में व्यवस्था बनाने के बारे में निर्देशित किया जा रहा है।
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तहसीलदार सलूणी भूपेंद्र कश्यप ने बताया कि भांदल स्कूल में बच्चे जीरो पीरियड में कम भाग ले रहे है, जबकि किहार के निजी स्कूल प्रबंधन की ओर से जीरो पीरियड नहीं लगाया जा रहा है। कहा कि इस बारे में जरूरी दिशा निर्देश स्कूल मुखियाओं को जारी कर दिए हैं।