अभी तक 1500 नमूनों की हुई जांच, खेतों से 3500 सैंपल लेने का लक्ष्यजिले भर में मिट्टी का परीक्षण करने के लिए अभियान चला रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कृषि विभाग जिले में मिट्टी परीक्षण अभियान चला रहा है। विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित कर रही हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उनकी भूमि के अनुसार उपयुक्त फसल, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने संबंधी वैज्ञानिक सलाह दी जा रही है। अब तक जिले के किसानों की भूमि के करीब 1,500 नमूनों की जांच पूरी की जा चुकी है जबकि 3500 नमूने एकत्रित करने का लक्ष्य है।
विभाग के अनुसार लगातार एक ही प्रकार की खेती और रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है। मिट्टी परीक्षण किसानों को यह जानने में मदद करता है कि उनकी भूमि में कौन-कौन से पोषक तत्व पर्याप्त हैं और किनकी कमी है। इसी आधार पर उर्वरकों की सही मात्रा और उपयुक्त फसल का चयन किया जाता है। मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट में भूमि का पीएच स्तर, जैविक कार्बन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाता है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। खेतों की नियमित मिट्टी जांच करवाएं। वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाने से न केवल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि अनावश्यक उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम होगा।