पंचायत चुनाव के लिए शिक्षकों की जो सेवा लगाई गई है उसे लेकर प्राथमिक शिक्षा खंड इकाई भरमौर के प्रधान सुरेंद्र पटियाल, महासचिव देशराज ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई है क्योंकि प्राथमिक शिक्षा खंड भरमौर में पैंसठ स्कूल हैं।
इसमें एक सौ चौंतीस के करीब शिक्षक अध्यापन का कार्य करते हैं लेकिन हाल ही में होने वाले पंचायतीराज चुनावों के लिए पंचायत विभाग भरमौर की ओर से एक सौ एक के करीब शिक्षकों की सेवा पंचायत चुनाव में लगा दी गई है। इससे भरमौर ब्लॉक के आधे स्कूलों में शिक्षकों की गैर मौजूदगी से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में इन स्कूलों में ताले जड़ दिए जाएंगे।
जबकि होना यह चाहिए था कि पंचायतीराज विभाग व प्राथमिक शिक्षा खंड आपसी तालमेल बैठा कर हर स्कूल से जहां दो-दो अध्यापक तैनात हैं, वहां से एक-एक अध्यापक की सेवा पंचायतीराज चुनाव में लगाई जानी चाहिए थी लेकिन उन्होंने भरमौर ब्लॉक के कुल एक सौ चौंतीस अध्यापकों में से कुल एक सौ एक अध्यापकों को ड्यूटी पर लगा दिया है। इसके चलते आधे स्कूलों पर ताले लगने की नौबत आ गई है, तो दूसरी ओर अट्ठारह तारीख से शीतकालीन सत्र के स्कूलों में पहली से चौथी कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
दूसरे पंचायत चुनाव के लिए सत्रह नवंबर को भरमौर में चुनाव प्रशिक्षण रखा गया हैं। ऐसे में दूर दराज के स्कूल जैसे बन्नी, भद्रा, भटाड़ा, बनूग, कुगति, भराड़ी आदि स्कूलों में सालाना परीक्षा के लिए अध्यापकों का वापस स्कूल पहुंचना नामुमकिन है। तो सवाल उठ रहा है कि इस स्थिति में बच्चों की परीक्षा कौन लेे।
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सूची के मुताबिक ही शिक्षकों की ड्यूटी लर्गाई है : धीमान
उधर पंचायत विभाग के निरीक्षक राजेश्वर धीमान का कहना है कि उन्होंने प्राथमिक शिक्षा खंड अधिकारी से पहले ही शिक्षकों की ड्यूटी के लिए सूची मंगवाई थी जिसके अनुसार शिक्षकों की ड्यूटी चुनाव में लगाई गई है।
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38 शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की दी थी सूचना : कर्मचंद
प्राथमिक शिक्षा खंड अधिकारी कर्मचंद का कहना है कि उन्होंने 38 शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी लगाने के लिए पंचायतीराज विभाग को सूचना दी थी क्योंकि इन स्कूलों में दो-दो अध्यापक हैं लेकिन बावजूद इसके पंचायतीराज विभाग की ओर से पिछली सूची के मुताबिक चुनावी ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में कई स्कूल प्रभावित हुए हैं।