चंबा। कोविड-19 अनलॉक-2 के बीच एसडीएम चंबा ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग से शिक्षकों की सूची तलब की है। प्रशासन के आदेशों के बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने भी इस बारे में कदमताल शुरू कर दी है।
वर्तमान में जिले के सौ फीसदी में सत्तर फीसदी ही अध्यापक चंबा में मौजूद है। जबकि प्रारंभिक शिक्षा विभाग में तैनात 30 फीसदी अध्यापक प्रदेश के अन्य जिलों में है। जो कोविड-19 के चलते अभी वापस नहीं आए हैं।
यहां तक कि अनलॉक-1 खत्म होने और द्वितीय जारी होने के बाद भी शिक्षकों ने अभी तक वापसी नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार प्रशासनिक आदेशों के बाद प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने 1726 शिक्षकों की सूची प्रशासन को भेजी है।
इनमें 859 जेबीटी व सीएचटी, 457 टीजीटी व 410 सीएंडवी अध्यापक शामिल हैं। गौरतलब है कि कोविड-19 के चलते सरकारी स्कूलों पर ताले लटके हैं। ऐसे में यह वर्ग ड्यूटी से काफी दूर है।
बहरहाल, प्रशासन की ओर से अब शिक्षकों से काम लेने के लिए रणनीति बनाई जा रही है, जो कोविड-19 से ही संबंधित हैं। बता दें कि इससे पहले भी प्रशासन ने शहरी क्षेत्र में शिक्षकों की 10 टीमें गठित की हैं, जो सामाजिक दूरी के साथ मास्क पहनने की निगरानी कर रही है।
उपजिला शिक्षा अधिकारी चंबा हितेंद्र कुुमार का कहना है कि उपमंडलीय प्रशासन के आदेशानुसार शिक्षकों की सूची भेज दी गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों को प्रशासन ने स्कूल के दायरे में निगरानी और लोगों को कोविड-19 के बारे में जागरूक करने के लिए ऑथोराइज किया है। उन्होंने कहा कि बाहरी जिलों में फंसे शिक्षकों को प्रधानाचार्य और हेडमास्टर अपने स्तर पर आमंत्रित कर सकते हैं।
एसडीएम चंबा शिवम प्रताप सिंह ने बताया कि शिक्षकों की सूची विभाग से मांगी गई। कोविड-19 के दौरान अध्यापक जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य और हेडमास्टर अपने स्तर पर व्यवस्था बनाएंगे।
पंकज सलारिया