सरोल में पोर्टेबल एक्सरे मशीन से जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
चंबा। पोर्टेबल एक्सरे के जरिये राजपुरा जेल में सजा काट रहे कैदियों की टीबी को लेकर जांच की गई। इस जांच में कोई भी कैदी टीबी संभावित लक्षणों से ग्रसित नहीं पाया गया। इसी तरह स्वास्थ्य टीम ने चंबा मेडिकल कॉलेज का सरोल में निर्माण करने वाली कंपनी के 21 मजदूरों की भी पोर्टेबल एक्सरे के जरिये टीबी जांच की। इसके उपरांत राजपुरा स्थित मदरसे में भी 20 की जांच की गई। 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना विभिन्न स्थानों में जाकर टीबी की जांच कर रही हैं।
इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों से लेकर गैर संचारी रोगों से ग्रसित सभी लोगों की टीबी जांच की जा रही है। इस दौरान कोई भी व्यक्ति टीबी रोग से ग्रसित नहीं मिला। चंबा को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया है। इस अभियान के जरिए छुपे हुए टीबी रोगियों की पहचान की जा रही है। ताकि उनका समय पर इलाज करके इस बीमारी को फैलने से रोका जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि टीबी उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें लोगों के घर-द्वार जाकर टीबी की जांच कर रही हैं।