निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते सांसद राजीव भारद्वाज। संवाद
चंबा। टीबी रोगियों के नजदीक रहने वाले और 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों की स्वास्थ्य विभाग घर-द्वार टीबी जांच करेगा। इसमें आशा वर्करों के माध्यम से भी घर-घर जाकर संभावित टीबी रोगियों को चिह्नित कर जांच शिविरों में पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।
यह बात 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के शुभारंभ पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपन ठाकुर ने कही। अभियान को सफल बनाने के लिए चलाई जा रही निक्षय वाहन (आईईसी वैन) को लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान में 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, टीबी रोगियों के नजदीक रहने वाले उनके पारिवारिक सदस्यों के अलावा कुपोषित व्यक्तियों, शुगर और एचआईवी इत्यादि गंभीर रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों की विशेष रूप से टीबी रोग संबंधी जांच की जाएगी।
इसके अलावा निक्षय वाहन का उपयोग करते हुए आयुष आरोग्य केंद्रों में टीबी रोग संबंधी जांच के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों तक टीबी संभावितों को पहुंचाने के लिए आशा वर्करों को निर्देश दिए हैं। इस अभियान में संभावित रोगियों के बलगम की जांच के अलावा एक्स-रे जांच भी की जा जाएगी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पुरी और डॉ. रेनू सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी पस्थित रहे।