चंबा में बर्फबारी के बाद खज्जियार-लक्कड़मंडी मार्ग को बहाल करती जेसीबी मशीन।संवाद
चंबा। जिले में बर्फबारी के 11 दिन बाद भी जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। अत्यधिक बर्फबारी के चलते अभी भी जिले में 13 सड़कों पर यातायात व्यवस्था ठप है।
संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं, 12 ट्रांसफार्मर बंद होने से जिले के 24 गांव दस दिन से अंधेरे में हैं।
जनजातीय क्षेत्र पांगी के 10 संपर्क मार्गों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है। यातायात व्यवस्था बंद होने से लोगों को किलाड़ मुख्यालय तक बर्फ में पैदल चलना पड़ रहा है। लोगों को किलाड़ से सामान खरीदकर पीठ पर लादकर घर लेकर जाना पड़ रहा है। सलूणी और डलहौजी में एक-एक संपर्क मार्ग पर वाहनों के पहिए थमे हुए हैं। बर्फबारी के बाद सबसे अधिक परेशानी सलूणी, तीसा, भरमौर और चंबा के दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को हो रही है। बर्फबारी और भूस्खलन के चलते जगह-जगह लाइनें, खंभे और ट्रांसफार्मर जलने से बिजली आपूर्ति बंद है। बिजली आपूर्ति बंद होने से लोगों को अंधेरे में ही गुजर-बसर करना पड़ रहा है। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि बर्फबारी के बाद पटरी से उतरी सेवाओं को सुचारू करने में विभागीय टीमें डटी हैं। जल्द व्यवस्था सुचारू करवाने के प्रयास हैं।