चंबा। विकास खंड सलूणी के बाड़का जंगल में हुए अवैध कटान मामले में अब निलंबित किए गए तीन कर्मचारी देवदार की लकड़ी को रिकवर करेंगे। इसके लिए वन विभाग ने इन कर्मचारियों को तीन दिन के लिए बीट में भेज दिया है। यहां पर अब ये तीनों कर्मचारी ऐसे लोगों के घरों में छापे मारेंगे, जहां पर अवैध रूप से काटे हुए पेड़ों की लकड़ी बरामद हो सकती है।
इस कार्य में विभाग उनका पूरा सहयोग करेगा। अब तक विभाग जंगल में 778 देवदार के कटे हुए पेड़ों के ठूंठ बरामद कर चुका है। हालांकि, अभी काटे गए पेड़ों की गिनती करने की प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने तक यह संख्या और भी बढ़ सकती है। टीडी धारकों से भी परमिट से अधिक मात्रा में इस्तेमाल की गई लकड़ी को रिकवर किया जा रहा है। इस कार्य के लिए वन विभाग ने निलंबित किए गए वन परिक्षेत्र अधिकारी, बीट अफसर और वन रक्षक की ड्यूटी लगाई है। इन कर्मचारियों को इस बात की जानकारी जानकारी है कि उनके समय में किन लोगों को टीडी के तहत इमारती लकड़ी आवंटित हुई थी। साथ में उन्हें यह भी ज्ञात है कि कितने लोगों ने परमिट से अधिक मात्रा में इमारती लकड़ी जंगल से निकाली है। आगामी तीन दिनों तक ये कर्मचारी संबंधित क्षेत्र में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी बरामद करेंगे।
मुख्य वन अरण्यपाल एचके सरवटा ने बताया कि जंगल में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी उसी इलाके में होने की संभावना है। इसलिए लकड़ी को रिकवर करने के लिए निलंबित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं।